Class 5 Hindi Hamare Ye Kalamandir Question Answer
कक्षा 5 हिंदी पाठ 11 प्रश्न उत्तर – Class 5 Hindi Chapter 11 Hamare Ye Kalamandir Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
आपकी छुट्टियाँ कब-कब होती हैं? आप छुट्टियों में कहाँ-कहाँ जाते हैं ?
उत्तर:
मेरी छुट्टियाँ गरमियों में, दशहरा और दीपावली के अवसर पर होती हैं। गरमी की छुट्टियों में मैं अपने नाना / नानी, दादा/दादी के घर जाता हूँ। कभी-कभी हम पहाड़ों पर भी घूमने जाते हैं। (विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर उत्तर दे सकते हैं।)
प्रश्न 2.
अजंता और एलोरा की गुफाओं के भीतर दीवारों पर अत्यंत सुंदर चित्र बने थे। आपके घर और घर के आस-पास कौन-कौन से चित्र बने या लगे हैं?
उत्तर:
मेरे घर के ड्राइंग रूम में पहाड़, नदी और सूरज के चित्र वाली बड़ी-सी पेंटिंग है। घर के पास की दीवारों पर विज्ञापन तथा विद्यालय में स्वच्छता, वृक्षारोपण आदि के चित्र लगे हुए हैं । (विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर उत्तर दे सकते हैं।)
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प्रश्न 3.
आपके घर में कौन-कौन और कहाँ-कहाँ चित्रकारी करते हैं ? (जैसे – कागज़ पर, धरती पर, दीवारों पर, मिट्टी की वस्तुओं पर, कपड़ों पर आदि ।
उत्तर:
विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर उत्तर देंगे ।
प्रश्न 4.
गुफाओं के चित्र देखते ही निशा के मुँह से ‘वाह!’ क्यों निकला? आपके मुँह से कब-कब ‘वाह!’ निकलता है?
उत्तर:
गुफाओं के सुंदर चित्र देखकर निशा इतनी प्रभावित हुई कि उसके मुँह से ‘वाह!’ निकला। विद्यार्थी बता सकते हैं कि कोई सुंदर कविता पढ़कर, शायरी सुनकर, प्रकृति का सुंदर दृश्य देखकर, सच्ची इनसानियत आदि देखकर हमारे मुँह से ‘वाह’ निकलता है।
पाठ से
दिए गए प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के आगे सूरज का चित्र
बनाइए-
प्रश्न 1.
निशा, अजंता और एलोरा जाने के लिए क्यों उत्साहित थी ?
(क) वह पहली बार हवाई यात्रा करने वाली थी ।
(ख) उसने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था ।
(ग) उसे मौसी जी से एक नया खिलौना मिलने वाला था।
(घ) उसने अजंता और एलोरा के बारे में मित्रों से सुना था ।
उत्तर:
(ख) उसने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था । ![]()
प्रश्न 2.
निशा को अजंता और एलोरा देखकर कैसा लगा?
(क) उसे निराशा हुई ।
(ख) उसे आश्चर्य हुआ।
(ग) उसे दुख हुआ।
(घ) वह उदास हो गई।
उत्तर:
(ख) उसे आश्चर्य हुआ। ![]()
प्रश्न 3.
अजंता की गुफाओं में बने रंग इतने वर्षों बाद भी क्यों फीके नहीं पड़े थे?
(क) वे विशेष प्रकार के कागज़ पर बनाए गए थे।
(ख) चित्रों में प्रति वर्ष फिर से नया रंग भरा जाता था।
(ग) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे।
(घ) वे सभी गुफाएँ बहुत ठंडे स्थान पर स्थित थीं।
उत्तर:
(ग) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे। ![]()
प्रश्न 4.
यात्रा से लौटने के बाद भी निशा को वे कलाकृतियाँ बार-बार क्यों याद आ रही थीं?
(क) उसने अपनी पाठ्यपुस्तक में उनके बारे में पढ़ा था।
(ख) मौसी जी ने वादा किया था कि वे फिर वहाँ जाएँगे।
(ग) यात्रा बहुत लंबी थी इसलिए उसे याद आ रही थी ।
(घ) गुफाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं।
अब अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि किस-किसने कौन-कौन से उत्तर चुने और क्यों।
उत्तर:
(घ) गुफाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं। ![]()
सोचिए और लिखिए
• नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए-
प्रश्न 1.
अजंता में निशा ने क्या-क्या देखा?
उत्तर:
निशा ने अजंता की गुफाओं में बने सुंदर चित्र, उनमें भरे प्राकृतिक रंग तराशी गई मूर्तियाँ आदि देखी ।
प्रश्न 2.
कैलाश मंदिर के बारे में आपको कौन-सी बात सबसे अधिक आश्चर्यजनक लगी?
उत्तर:
कैलाश मंदिर एक ऊँचे पहाड़ को ऊपर की ओर से तराशकर बनाया गया है।
प्रश्न 3.
मौसी जी ने छोटी और बड़ी गुफा के बारे में क्या बताया ?
उत्तर:
मौसी जी ने बताया कि ये छोटी और बड़ी गुफाएँ पहाड़ों को काटकर बनाई गई हैं।
प्रश्न 4.
क्या कारण है कि अजंता की गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा में बनाया गया है?
उत्तर:
अजंता की गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा में बनाया गया है ताकि प्राकृतिक प्रकाश अंदर पहुँच सके।
प्रश्न 5.
अजंता और एलोरा तक पहुँचने के लिए यातायात के कौन-कौन से साधनों का प्रयोग कर सकते हैं?
उत्तर:
अजंता और एलोरा तक पहुँचने के लिए रेलमार्ग, सड़कमार्ग और वायुमार्ग का प्रयोग किया जा सकता है।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
यदि अजंता की दीवारों के चित्र बोल सकते तो वे हमें क्या कहानियाँ सुनाते?
उत्तर:
यदि अजंता की दीवारों के चित्र बोल सकते तो वे हमें भगवान बुद्ध के जीवन, त्याग और करुणा से जुड़ी प्रेरक कहानियाँ सुनाते।
प्रश्न 2.
मान लीजिए कि आप हजारों वर्ष पहले के संसार में चले गए हैं और आपको अजंता की गुफाओं में एक नया चित्र बनाने का अवसर मिला है। आप क्या बनाएँगे और क्यों ?
उत्तर:
हम एक ऐसा चित्र बनाने का प्रयास करेंगे जो संसार को शांति, करुणा और मानवता की शिक्षा दे ।
(विद्यार्थी स्वयं के अनुभव के आधार पर करें।)
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भाषा की बात
प्रश्न 1.
पाठ में से कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन्हें उनके मिलते-जुलते अर्थों के साथ रेखाएँ खींचकर मिलाइए-

उत्तर:

प्रश्न 2.
पाठ में से ऐसे ही दो शब्दों के मेल से बने अन्य शब्दों को खोजकर उनके अर्थ लेखन – पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर:
रेलगाड़ी – रेल का अर्थ है लोहे की पटरी। गाड़ी का अर्थ है – वाहन। अतः रेलगाड़ी का अर्थ हुआ – लोहे की पटरी पर चलने वाला वाहन ।
शिलाखंड – शिला का अर्थ है – पत्थर या चट्टान। खंड का अर्थ है टुकड़ा। अतः शिलाखंड का अर्थ हुआ – पत्थर या चट्टान का बड़ा टुकड़ा।
प्रश्न 3.
इसी प्रकार के कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए अपनी लेखन – पुस्तिका में वाक्य लिखिए-

उत्तर:
ज्यों का त्यों – बारिश के बाद भी गरमी का हाल ज्यों का त्यों रहा।
जैसे का तैसा – यदि कोई बुरा व्यवहार करे तो हर बार जैसे का तैसा करना उचित नहीं है।
बिलकुल वैसा ही – मुझे बिलकुल वैसा ही खिलौना चाहिए, जैसा मैंने टी०वी० पर देखा था।
वैसा का वैसा – नानी का घर आज भी बिलकुल वैसा का वैसा है।
जैसे थे वैसे ही – वर्षों बाद मिलने के बाद भी शर्मा जी जैसा थे वैसे ही मिले।
वास्तविक रूप में – हमें किसी व्यक्ति को वास्तविक रूप में समझने के लिए समय देना चाहिए ।
प्रश्न 4.
“ऐसे सजीव चित्र थे कि लगता था अभी बोल पड़ेंगे।”
“इन मूर्तियों की कारीगरी देखते ही बनती थी ।”
रेखांकित अंशों को ध्यान में रखते हुए अब नीचे दिए गए वाक्यांशों से वाक्य बनाइए- बच्चे ने इतनी अच्छी कविता सुनाई कि सब सुनकर दंग रह गए।

उत्तर:
दंग रह जाना – बच्चे ने इतनी अच्छी कविता सुनाई कि सब सुनकर दंग रह गए।
ऐसा जैसे सपना हो – पहाड़ों के बीच वह शांत झील ऐसी दिख रही थी जैसे सपना हो ।
प्रशंसा के योग्य होना – जिन्होंने बाढ़ पीड़ितों की मदद की, वे सभी प्रशंसा के योग्य हैं।
आँखें न हटा पाना – मंच पर उसका नृत्य देखकर लोग आँखें नहीं हटा पाए ।
दिल को छू जाना – फिल्म का अंत इतना भावुक था कि वह सीधे दिल को छू गया।
कल्पना से परे होना – उसकी सफलता की कहानी सचमुच कल्पना से परे है।
मन मोह लेना – बच्चे की मुसकान ने सबका मन मोह लिया ।
दृश्य भूल न पाना – ताजमहल को पहली बार देखने का दृश्य भूल पाना मेरे लिए असंभव है।
दृष्टि थम जा – झरने का सुंदर दृश्य देखकर मेरी दृष्टि वहीं थम गई।
प्रश्न 5.
नीचे एक वर्ग पहेली दी गई है। इस वर्ग पहेली में कुछ विशेषण शब्द छिपे हुए हैं। शब्दों को खोजिए और उन शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-

उत्तर:

अद्भुत – जादूगर का प्रदर्शन इतना अद्भुत था कि सभी दर्शक देखते ही रह गए।
सुंदर – वह बगीचा सुंदर फूलों से ढका हुआ था।
कठिन – इस पहाड़ी का रास्ता बहुत कठिन है, इसलिए हमें सावधानी से चलना होगा।
सजीव – वह चित्र इतना सजीव था कि लगा जैसे वह व्यक्ति अभी बोल उठेगा।
विशाल – उस किले के विशाल दरवाज़े अब भी मज़बूत खड़े हैं।
रंग-बिरंगा – मेले में बच्चों ने रंग-बिरंगे गुब्बारे खरीदे।
बेजोड़ – उस खिलाड़ी का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में बेजोड़ रहा ।
बड़ी – सीमा अपनी बहनों में सबसे बड़ी है।
मनोरम – पहाड़ों के बीच बहती नदी का दृश्य बड़ा मनोरम लग रहा था।
छोटी – पहाड़ी के ऊपर एक छोटी-सी झोंपड़ी बनी हुई थी।
प्रसिद्ध – बनारस की प्रसिद्ध बनारसी साड़ी देश – विदेश में पसंद की जाती है।
चित्र का वर्णन
• आपने पाठ में अजंता के चित्रों का सुंदर वर्णन पढ़ा। नीचे अजंता का एक प्रसिद्ध चित्र दिया गया है। इसका वर्णन अपने शब्दों में लेखन – पुस्तिका में कीजिए-

यह भित्ति चित्र बोधिसत्व पद्मपाणि का है। इस चित्र में इन्हें शांत तथा सौम्य रूप में दर्शाया गया है। उनके मुख पर गहरी शांति और आँखों में करुणा झलकती है। उनके मस्तक पर रत्न जड़ित एक मुकुट है। उनके हाथ में कमल का फूल है जिस कारण इन्हें पद्मपाणि भी कहा जाता है। उन्होंने सुंदर आभूषण कंठमाला, बाजूबंद आदि पहने हुए हैं। चित्र की पृष्ठभूमि में कुछ अनुयायी दिखाई दे रहे हैं।
मानचित्र
• आपने पाठ में अजंता का वर्णन पढ़ा। नीचे अजंता का एक मानचित्र दिया गया है। इस वर्णन और मानचित्र की सहायता से नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर खोजिए-

- नदी का क्या नाम है?
- कुल कितनी गुफाएँ दिखाई गई हैं?
- चारों दिशाओं में से कौन-सी दिशा का संकेत दिया गया है?
- “आप यहाँ हैं” से क्या आशय है?
- कुंड का क्या नाम है ?
(विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 137 से मानचित्र देख सकते हैं।)
उत्तर:
- वाघोरा नदी,
- 30 गुफाएँ,
- उत्तर दिशा,
- मानचित्र में आपकी वर्तमान स्थिति,
- सतकुंड
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आइए मापें
लंबाई मापने के फीते की सहायता से अपने समूह के साथ मिलकर कक्षा में इन्हें मापिए और लिखिए-
- कक्षा की लंबाई
- कक्षा की चौड़ाई
- दरवाजे की चौड़ाई
- खिड़की की चौड़ाई
- श्यामपट्ट की लंबाई-चौड़ाई
उत्तर:
• विद्यार्थी स्वयं अपनी कक्षा को मापकर लिखेंगे।
पुस्तकालय से
इस पाठ में आपने अजंता एलोरा के बारे में पढ़ा और उसके बारे में जाना। अब भारत के अन्य दर्शनीय स्थानों के बारे में अपने पुस्तकालय में खोजबीन कीजिए और उनके बारे में पढ़िए। साथ ही कक्षा में उनके बारे में चर्चा भी कीजिए ।
धन्यवाद कार्ड
• निशा को उसकी मौसी ने अजंता और एलोरा की गुफाएँ दिखाईं। इस कारण निशा ने अपनी मौसी को धन्यवाद कार्ड लिखा। अब आप भी अपने किसी संबंधी को धन्यवाद कार्ड लिखिए-

उत्तर:
प्रिय / पूज्य चाचा जी
मुझे आपका भेजा हुआ जन्मदिन का उपहार मिल गया है।
आपने जो सुंदर बैग मुझे भेजा, वह मुझे बहुत अच्छा लगा।
जब भी हम मिलते हैं, आप मुझे कहानी सुनाते हैं, मेरे
साथ खेलते हैं, मुझे खूब हँसाते हैं। मुझे अच्छा लगता है
कि मेरे पास आप जैसे प्यारे चाचा जी हैं।
मैं जल्द ही आपसे मिलने आऊँगा / आऊँगी।
आपका / आपकी भतीजा/भतीजी
रोहन / रोशनी
हमारी धरोहर
हमारे देश में बहुत सुंदर ऐतिहासिक स्मारक एवं कलाकृतियाँ हैं। ये हमारे देश की शोभा एवं गौरव बढ़ाते हैं। यह हमारा उत्तरदायित्व है कि हम भी इनकी सुंदरता को बनाए रखें। इन स्मारकों को छूने, इनकी दीवारों को खुरचने अथवा कुछ भी अंकन करने से इन्हें हानि पहुँचती है। इसलिए इन पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते समय हमें सावधानी रखनी चाहिए।
आपकी अभिव्यक्ति
• क्या आपने कभी कोई रेल यात्रा की है? अपनी किसी रेल यात्रा का कोई रोचक अनुभव साझा कीजिए। यदि आपने रेल यात्रा नहीं की हो तो अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य के अनुभव भी लिख सकते हैं।

उत्तर:
पिछली छुट्टियों में मैं अपने परिवार के साथ दिल्ली से जयपुर रेलगाड़ी से गई । यह मेरी पहली लंबी ट्रेन यात्रा थी। मैं बहुत उत्साहित थी। हम सुबह – सुबह स्टेशन पहुँचे। स्टेशन पर बहुत भीड़ थी। तरह-तरह की आवाज़ें आ रही थीं- अनाउंसमेंट की, चायवाले की, यात्रियों की आदि। हमारी रेलगाड़ी अपने नियत समय पर प्लेटफ़ॉर्म पर आ गई थी और हम अपनी सीट पर बैठ गए थे। जैसे ही ट्रेन चली, खिड़की से बाहर के दृश्य देखने में बहुत सुंदर लग रहे थे। खेतों में काम करते लोग, हरे-भरे पेड़, खेलते हुए बच्चे दिखाई दे रहे थे। जब रेलगाड़ी पुल के ऊपर से गुजरी तो नीचे बहती नदी को देखकर बहुत अच्छा लगा। मम्मी ने घर से बना हुआ खाना निकाला- आलू की सब्ज़ी, पूड़ी और आम का अचार । सबने मिलकर खाया। जब हम जयपुर पहुँचे तो मन खुशियों से भर गया था। यह यात्रा मेरे लिए बहुत यादगार रही ।