Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा Question Answer
बगीचे का घोंघा Class 4 Question Answer
कक्षा 4 हिंदी पाठ 2 प्रश्न उत्तर – Class 4 Hindi बगीचे का घोंघा Question Answer

ऊपर दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
यह कौन-सा जीव है?
उत्तर :
घोंघा
आपने इसे कहाँ देखा है?
उत्तर :
हमने इसे बगीचे और जमा हुए पानी के आस – पास देखा है।
आपने इसे किस मौसम में अधिक देखा है?
उत्तर :
यह बरसात के मौसम में अधिक दिखाई देता है।
आपको अपने घर और विद्यालय में कौन-कौन से जीव दिखाई देते हैं?
उत्तर :
कुत्ता, बिल्ली, गाय, मक्खी, तितली, कबूतर और गिलहरी । ( विद्यार्थी स्वयं सोचकर उत्तर देंगे।)
घोंघा उन जीवों से किस बात में भिन्न है?
उत्तर:
घोंघा इन सब जीवों की तरह चलता, उड़ता या फुदकता नहीं है बल्कि यह रेंगकर चलता है।
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
घोंघे को बगीचे (उद्यान) के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचने में दो दिन क्यों लगते थे?
उत्तर :
घोंघे को बगीचे के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचने में दो दिन इसलिए लगते थे क्योंकि वह बहुत छोटा-सा जीव था जो रेंगकर धीरे – धीरे चलता था। धीरे-धीरे चलने के कारण उसे अधिक समय लगता था।
प्रश्न 2.
आप अपने विद्यालय कैसे जाते हैं और आपको कितना समय लगता है?
उत्तर :
विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर उत्तर देंगे; जैसे-
हम अपने विद्यालय कैब / वैन / बस से जाते हैं और हमें विद्यालय पहुँचने में 20 से 25 मिनट लगते हैं।
प्रश्न 3.
घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था ?
उत्तर :
घोंघा उद्यान से बाहर इसलिए जाना चाहता था क्योंकि वह देखना चाहता था कि बाहर क्या होगा? और बाहर की दुनिया कैसी होती होगी ?
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प्रश्न 4.
आपका कहाँ-कहाँ जाने का मन करता है?
उत्तर :
विद्यार्थी अपनी इच्छानुसार उत्तर बताएँगे, जैसे- हमारा मन पार्क, चिड़ियाघर, नानी के घर, वॉटर पार्क आदि जाने का करता है।
प्रश्न 5.
आप घूमने के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं और किसके साथ जाते हैं ?
उत्तर :
विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर बताएँगे; जैसे- हम घूमने के लिए पार्क, मॉल और कभी-कभी दूसरे राज्यों में अपने माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी के साथ जाते हैं।
पाठ के भीतर
नीचे दिए गए प्रश्नों के सटीक उत्तर के सामने सूरज का चित्र (☼︎) बनाइए –
प्रश्न 1.
घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था ?
(क) उसे उद्यान में अच्छा नहीं लगता था।
(ख) वह बाहर का जीवन देखना चाहता था।
(ग) उसे उद्यान सुंदर नहीं लगता था।
(घ) उसे उद्यान बहुत छोटा लगता था।
उत्तर :
(ख ) वह बाहर का जीवन देखना चाहता था । (☼︎)
प्रश्न 2.
घोंघे को बड़ा – सा पत्थर पहाड़ जैसा क्यों लगा होगा?
(क) पत्थर पहाड़ की तरह बहुत ही बड़ा था।
(ख) घोंघे ने उद्यान में पत्थर जैसी बड़ी वस्तु कभी नहीं देखी थी।
(ग) घोंघे को पत्थर पर चढ़कर दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था।
(घ) पत्थर की आकृति पहाड़ जैसी थी।
उत्तर :
(क) पत्थर पहाड़ की तरह बहुत ही बड़ा था। (☼︎)
प्रश्न 3.
घोंघे ने अपने जीवन में पहली बार क्या देखा?
(क) अपने लंबे-पतले पाँवों से आ-जा रहे लाल चींटें
(ख) अपना शंख
(ग) पीपल का पेड़
(घ) हरी-हरी घास
उत्तर :
(क) अपने लंबे-पतले पाँवों से आ-जा रहे लाल चींटें (☼︎)
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प्रश्न 4.
घोंघे की आँखें आश्चर्य से क्यों खुली रह गईं?
(क) उसके ऊपर एक बड़ा पत्ता गिरा।
(ख) वह उद्यान में एक नए कीट से मिला।
(ग) उसने पहली बार एक तालाब देखा।
(घ) उसने बड़ का एक पेड़ देखा।
उत्तर :
(घ) उसने बड़ का एक पेड़ देखा। (☼︎)
प्रश्न 5.
छेद से बाहर निकलते ही घोंघे का जिन वस्तुओं से सामना हुआ, उनमें से कुछ वस्तुएँ छूट गई हैं। उन्हें पूरा कीजिए-

उत्तर :
- मैदान
- सूखा पत्ता
- पत्थर
- लाल चींटे
- गिलहरी
- गेंद कुत्ता
- खजूर का पेड़
- बड़ का पेड़
सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1.
उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को कौन-सी बात याद आती थी?
उत्तर :
उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को यह बात याद आती थी कि उसकी माँ उससे कहती थीं, “वहाँ कभी मत जाना। वह दुनिया हमारी दुनिया से बहुत अलग है । ”
प्रश्न 2.
छेद के दूसरी ओर जाते ही घोंघा चकित क्यों रह गया ?
उत्तर :
छेद के दूसरी ओर जाते ही घोंघा इसलिए चकित रह गया क्योंकि उसकी आँखें जितनी दूर तक देख सकती थीं, उसने देखा। उसके सामने बहुत बड़ा, लंबा और चौड़ा-सा मैदान था, जिसे देखकर वह हैरान था।
प्रश्न 3.
घोंघे ने ऐसा क्यों कहा होगा कि उद्यान में सब कुछ धीरे – धीरे चलता है ?
उत्तर :
घोंघे ने ऐसा इसलिए कहा होगा कि उद्यान में सब कुछ धीरे-धीरे चलता है क्योंकि उसने बाहर देखा कि गिलहरी फुदककर एक पेड़ पर चढ़ गई, दूर एक गेंद लुढ़कती जा रही है और एक कुत्ता उसके पीछे भाग रहा है। यहाँ सब बहुत तेज़ी से चल रहा था।
प्रश्न 4.
घोंघे की तरह आपको अपने घर, विद्यालय तथा आस-पास क्या – क्या अद्भुत लगता है और क्यों ?
उत्तर :
विद्यार्थी अपनी समझ के अनुसार लिखें; जैसे- हमें कुत्ता, चिड़िया, पेड़-पौधे, फूल और तितलियाँ अद्भुत लगते हैं क्योंकि कुत्ता बहुत समझदार होता है और बहुत तेज़ दौड़ता है, चिड़िया पंखों से उड़ती है। पेड़ों पर फल-फूल लगते हैं तथा तितलियाँ रंग-बिरंगी और आकर्षक होती हैं।
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प्रश्न 5.
घोंघे ने उद्यान के भीतर और बाहर क्या-क्या देखा? नीचे लिखिए-

उत्तर :
| उद्यान के भीतर | उद्यान के बाहर |
| हरी घास | सूखा पत्ता और बड़ा पत्थर’ |
| छोटे पेड़-पौधे | लाल चींटे |
| फूल | गिलहरी |
| गेंद | |
| कुत्ता | |
| खजूर और बड़ का पेड़ |
भाषा की बात
प्रश्न 1.
कहानी में आए निम्न शब्दों के आधार पर वाक्य बनाकर लिखिए-
आश्चर्य – ________________
अद्भुत – ________________
अचानक – ________________
छोर – ________________
उत्तर :
आश्चर्य – आश्चर्य है कि तुम जल्दी आ गए।
अद्भुत – परीक्षा का परिणाम अद्भुत रहा।
अचानक – मैं अचानक से गिर गया।
छोर – तुम रस्सी के दूसरे छोर को पकड़ लो।
प्रश्न 2.
जब घोंघे के ऊपर सूखा पत्ता गिरा, तब उसने ‘वाह!’ न कहकर ‘उई ! ‘ कहा। आपके मुँह से कब ‘वाह’ और ‘उई’ जैसे शब्द निकलते हैं?
वाह! कितना सुंदर फूल हौ” _________________________
_________________________________________
_________________________________________
_________________________________________
उत्तर :
विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर उत्तर लिखेंगे, जैसे-
वाह! – सुंदर फूल, वस्तु, स्थान, स्वादिष्ट भोजन आदि को देखकर
उई ! – गिरने, चोट लगने, सुई चुभने आदि पर
प्रश्न 3.
घोंघे ने अपने शंख में कौन-कौन सा सामान बाँधा होगा?
फल, पत्ता, _________________________________________
उत्तर :
विद्यार्थी अपनी समझ के अनुसार उत्तर लिखेंगे, जैसे- फल, पत्ते, खाने-पीने का सामान, कपड़े, बिस्तर आदि बाँधा होगा।
मिलान कीजिए
नीचे लिखी बातें घोंघे ने कब-कब कहीं? मिलान कीजिए-

उत्तर :

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विभिन्न ध्वनियाँ
“उसी समय खड़-खड़ की ध्वनि आई।” यहाँ सूखे पत्तों के गिरने की ध्वनि ‘खड़ – खड़’ जैसी है। इनकी ध्वनियाँ कैसी होंगी-
बादलों का गरजना
___________
पानी का बरसना
___________
नल से बूँदों का गिरना
___________
मेंढ़क का बोलना
___________
घंटी का बजना
___________
हवा का बहना
___________
उत्तर :
- बादलों का गरजना
गड़-गड़ - पानी का बरसना
झर-झर - नल से बूँदों का गिरना
टिप – टिप - मेंढ़क का बोलना
टर्र-टर्र - घंटी का बजना
टन टन - हवा का बहना
सर-सर
अपनी-अपनी विशेषताएँ
घोंघे ने उद्यान से बाहर आकर जो भी देखा, वह किसी-न-किसी रूप में विशेष था। पाठ के आधार पर उनकी विशेषताएँ लिखिए-

उत्तर :

अनुमान और कल्पना
इतने समय तक वहाँ रहने के कारण घोंघा उद्यान का कोना-कोना पहचान गया था।
प्रश्न 1.
अनुमान लगाकर बताइए कि घोंघा उद्यान में कब से रह रहा होगा।
उत्तर :
विद्यार्थी अपने अनुमान के आधार पर बताएँ, जैसे- घोंघा उद्यान में अपने जन्म से ही रह रहा होगा ।
प्रश्न 2.
घोंघे को उद्यान के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दो दिन लगते थे और उसे वापस लौटने में 48 घंटे लगते थे। ऐसा क्यों?
उत्तर :
घोंघे को उद्यान के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दो दिन लगते थे और उसे वापस लौटने में 48 घंटे लगते थे क्योंकि 1 दिन में 24 घंटे होते हैं तो दो दिन के 48 घंटे हुए । रास्ते की आने-जाने की दूरी बराबर थी। उसे दो दिन जाने और दो दिन वापस लौटने में लगते हैं। यानी जितने समय में जाएगा उतना ही समय वापस आने में लगेगा।
प्रश्न 3.
आप अपने विद्यालय में कितने वर्षों से पढ़ रहे हैं? आपने वहाँ अब तक क्या-क्या देखा है ?
उत्तर :
विद्यार्थी अपने अनुभव और विचार के अनुरूप उत्तर देंगे, जैसे- हम अपने विद्यालय में 5 वर्षों से पढ़ रहे हैं, हमने यहाँ मैदान, झूले, पौधे, फूल, पेड़, स्टेज आदि देखे हैं।
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प्रश्न 4.
आपको अपनी कक्षा से पेयजल के स्थान और विद्यालय के मुख्य द्वार तक जाने में कितना समय लगता है ?
उत्तर :
विद्यार्थी अपनी कक्षा से पेयजल के स्थान और विद्यालय के मुख्य द्वार की दूरी के आधार पर अनुमान लगाकर उत्तर देंगे, जैसे–हमको अपनी कक्षा से पेयजल के स्थान और विद्यालय के मुख्य द्वार तक जाने में क्रमशः 5 तथा 7 मिनट का समय लगता है।
घोंघे से आपकी भेंट
घोंघे को सबसे पहले बच्चों के खेलने का स्थान दिखाई दिया। कल्पना कीजिए कि बच्चों ने घोंघे को देखा और उससे बातें कीं।
बच्चे – अरे! आप कौन?
घोंघा – मुझे नहीं पहचानते ! मैं घोंघा, नहीं तो और कौन ?
बच्चे – ___________________________
घोंघा – ___________________________
बच्चे – ___________________________
घोंघा – ___________________________
बच्चे – ___________________________
उत्तर :
बच्चे – अरे! आप कौन?
घोंघा – मुझे नहीं पहचानते ! मैं घोंघा, नहीं तो और कौन ?
बच्चे – अच्छा, तुम कितने छोटे और प्यारे हो ।
घोंघा – सचमुच! और आप सब भी बहुत प्यारे हो ।
बच्चे – तुम हमसे दोस्ती करोगे।
घोंघा – हाँ, ज़रूर। आप सब मुझसे मिलने आया करोगे?
बच्चे – हाँ, हम सब रोज़ यहाँ खेलने आते हैं। अब तुमसे भी मिलना होता रहेगा।
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