Class 5 Hindi Teen Machliya Question Answer
कक्षा 5 हिंदी पाठ 10 प्रश्न उत्तर – Class 5 Hindi Chapter 10 Teen Machliya Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
क्या आपने कभी नदी, पोखर या समुद्र तट का भ्रमण किया है? आपने वहाँ क्या – क्या देखा?
उत्तर:
हाँ, हमने नदी, पोखर और समुद्र तट का भ्रमण किया है। हमने वहाँ रेत, तट पर आए पर्यटक, सीपियाँ, मछलियाँ आदि देखे। (विद्यार्थी अपने अनुभवों के आधार पर अन्य उत्तर भी दे सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि किसी विद्यार्थी के यहाँ कोई ऐसा त्योहार होता हो जो नदी के पास होता हो, जैसे कि छठ तो वह उसके विषय में बता सकता है। ठीक इसी प्रकार, यदि आप किसी समुद्र तट पर घूमने गए हो, तो उसके विषय में बता सकते हैं।)
प्रश्न 2.
क्या किसी कार्य को भाग्य के भरोसे छोड़ना चाहिए? अपने उत्तर का कारण दीजिए ।
उत्तर:
किसी भी कार्य को केवल भाग्य के भरोसे छोड़ना सही नहीं है, क्योंकि भाग्य तभी साथ देता है जब हम परिश्रम करते हैं। अगर हम प्रयास नहीं करेंगे और सिर्फ़ भाग्य के भरोसे रहेंगे, तो सफलता मिलने की संभावना बहुत कम हो जाती है। अतः परिश्रम द्वारा हमें भाग्य बदलने का प्रयास करना चाहिए ।
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प्रश्न 3.
यद्भविष्य मछुआरों से अपने प्राण नहीं बचा पाई । यदि उसके स्थान पर आप होते तो मछुआरों से अपने प्राण कैसे बचाते?
उत्तर:
यद्भविष्य मछुआरों से अपने प्राण इसलिए नहीं बचा पाई क्योंकि वह आलसी थी। वह जीवन में होने वाली घटनाओं को भाग्य के भरोसे छोड़ देती थी । यदि हम यद्भविष्य के स्थान पर होते, तो अनागतविधाता के साथ सरोवर छोड़ देते या प्रत्युत्पन्नमति के समान मृत होने का नाटक करते।
प्रश्न 4.
आपको कौन – सी मछली सबसे अच्छी लगी और क्यों?
उत्तर:
हमें अनागतविधाता मछली सबसे अच्छी लगी क्योंकि उसने भविष्य में होने वाले खतरे का अंदाज़ा लगा लिया था तथा उसके अनुरूप योजना बनाकर अपने साथ अन्य मछलियों के प्राणों की रक्षा की । प्रत्युत्पन्नमति मछली सूझ-बूझ से केवल अपने प्राण ही बचा पाई थी।
पाठ से
प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर पर मछली का चित्र
बनाइए । एक से अधिक विकल्प भी सही हो सकते हैं।
(क) अनागतविधाता को बहुत बुद्धिमती किस कारण से बताया गया है?
(i) नाम के अनुरूप स्वभाव होने के कारण
(ii) सब कुछ भाग्य के भरोसे छोड़ देने और चिंता न करने के कारण
(iii) भविष्य की संभावित समस्याओं का हल पहले से ही निकाल लेने के कारण
(iv) श्रम और चिंतन से बचने की प्रवृत्ति के कारण
उत्तर:
(i) नाम के अनुरूप स्वभाव होने के कारण ![]()
(iii) भविष्य की संभावित समस्याओं का हल पहले से ही निकाल लेने के कारण ![]()
(ख) मछुआरों की बातें सुनकर सभी मछलियों ने सभा क्यों की?
(i) गप-शप के लिए
(ii) अपने प्राण बचाने हेतु कोई उपाय ढूँढ़ने के लिए
(iii) मछुआरों को अपने जाल में फँसाने के लिए
(iv) पास के दूसरे सरोवर में जाने के लिए
उत्तर:
(ii) अपने प्राण बचाने हेतु कोई उपाय ढूँढ़ने के लिए ![]()
(iv) पास के दूसरे सरोवर में जाने के लिए ![]()
(ग) मछुआरों ने प्रत्युत्पन्नमति को जाल में से बाहर क्यों फेंक दिया?
(i) उन्हें जीवित मछलियाँ चाहिए थीं।
(ii) उन्हें प्रत्युत्पन्नमति सुंदर नहीं लगी।
(iii) जाल में बहुत अधिक मछलियाँ थीं।
(iv) उनसे जाल उठाया नहीं जा रहा था।
उत्तर:
(i) उन्हें जीवित मछलियाँ चाहिए थीं । ![]()
(घ) मछुआरों के जाल में कौन-कौन सी मछलियाँ फँस गईं ?
(i) अनागतविधाता, प्रत्युत्पन्नमति और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँ
(ii) प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँ
(iii) अनागतविधाता और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँ
(iv) प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और अनागतविधाता
उत्तर:
(ii) प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँ ![]()
प्रश्न 2.
स्तंभ ‘क’ और स्तंभ ‘ख’ में आपस में संबंध रखने वाले शब्दों का मिलान कीजिए-

उत्तर:

सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1.
प्रत्युत्पन्नमति पहले से ही समस्या का समाधान करने की आवश्यकता क्यों नहीं समझती थी ?
उत्तर:
प्रत्युत्पन्नमति पहले से ही समस्या का समाधान करने की आवश्यकता इसलिए नहीं समझती थी क्योंकि वह तीव्र व तीक्ष्ण बुद्धिवाली थी। वह किसी भी समस्या का हल क्षणभर में निकाल लेती थी।
प्रश्न 2.
सभी मछलियों के भयभीत होने का क्या कारण था?
उत्तर:
अनागतविधाता ने जब मछुआरों की योजना सभी मछलियों को बताई, तो वे अपने प्राणों की रक्षा के लिए डर गई थीं। उन्हें डर था कि मछुआरे उन्हें जाल में फँसाकर मार देंगे।
प्रश्न 3.
‘जो होना होगा सो तो होगा ही’, यह किस मछली का मानना या और वह ऐसा क्यों मानती थी ?
उत्तर:
जो होना होगा सो तो होगा ही, ऐसा यद्भविष्य मछली मानती थी। वह ऐसा इसलिए मानती थी क्योंकि वह आलसी थी। वह संकट की संभावनाओं पर ध्यान नहीं देती थी। न ही श्रम या चिंतन करती थी।
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प्रश्न 4.
अनागतविधाता ने मछुआरों की योजना से बचने के लिए क्या उपाय सुझाया ?
उत्तर:
अनागतविधाता ने मछुआरों की योजना से बचने के लिए यह उपाय सुझाया कि सवेरा होने से पहले ही सभी मछलियों को वह सरोवर छोड़ देना चाहिए तथा किसी सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए ।
प्रश्न 5.
प्रत्युत्पन्नमति ने मछुआरों से बचने के लिए क्या उपाय किया?
उत्तर:
प्रत्युत्पन्नमति मछुआरों की बातों से समझ गई थी की उन्हें स्वस्थ और जीवित मछलियाँ चाहिए, इसलिए उसने मृत होने का नाटक किया। उसको मरा हुआ समझकर मछुआरों ने प्रत्युत्पन्नमति को वापस नदी में फेंक दिया। इस प्रकार उसने अपने प्राण बचाए।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
कहानी में आए कुछ संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया शब्द नीचे शब्द सरोवर में दिए गए हैं। इनकी पहचान करते हुए उन्हें उनके संबंधित परिवार के स्थान पर लिखिए-


उत्तर:
| संज्ञा | सर्वनाम | विशेषण | क्रिया |
| मछली | मैं | सुंदर | सोचना |
| मछुआरा | वह | अच्छा | लिखना |
| यद्भविष्य | हमने | दो | जाना |
| सरोवर | उन्होंने | तीन | रहना |
| सभा | कुछ | पहली | बचना |
प्रश्न 2.
कहानी में आए एकवचन और बहुवचन शब्दों की खोज करते हुए निम्न तालिका को दिए गए उदाहरण के अनुसार पूर्ण कीजिए-

उत्तर:
| एकवचन | बहुवचन |
| मछली | मछलियाँ |
| ध्वनि | ध्वनियाँ |
| मैं | हम |
| मछुआरा | मछुआरे |
| आँख | आँखें |
प्रश्न 3.
नीचे दिए गए उपयुक्त शब्दों से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

(क) मछुआरों का ध्यान पानी में सैर करती हुई मछलियों ………… गया।
(ख) मछुआरों ……….. बातें तीनों मछलियों ………… सुन लीं।
(ग) वह कहने लगी कि मैं तो अपने इस पुराने निवास स्थान ………… छोड़कर कहीं नहीं जाऊँगी।
(घ) उत्तर भारत ……….. एक सुंदर सरोवर ……… तीन मछलियाँ रहती थीं।
उत्तर:
(क) मछुआरों का ध्यान पानी में सैर करती हुई मछलियों पर गया।
(ख) मछुआरों की बातें तीनों मछलियों ने सुन लीं।
(ग) वह कहने लगी कि मैं तो अपने इस पुराने निवास स्थान को छोड़कर कहीं नहीं जाऊँगी।
(घ) उत्तर भारत के एक सुंदर सरोवर में तीन मछलियाँ रहती थीं।
प्रश्न 4.
दिए गए विराम चिह्नों में से उचित विराम चिह्न का प्रयोग करते हुए नीचे दिए गए वाक्यों को पुनः अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए-

उत्तर:
(क) एक समय की बात है।
(ख) पहला मछुआरा बोला, “अरे! देखो इस सरोवर में कितनी बड़ी-बड़ी मछलियाँ हैं ।”
(ग) मछुआरों ने सरोवर में आगतविधाता, प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और बड़ी-बड़ी स्वस्थ मछलियाँ देखीं।
(घ) “हाँ, हाँ, और इतनी सारी मछलियाँ एक ही जगह हमने पहले कभी नहीं देखीं” दूसरा मछुआरा बोला।
(ङ) मछुआरों की बातें तीनों मछलियों ने सुन लीं।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
प्रत्युत्पन्नमति ने मछुआरों से बचने की जो योजना बनाई, यदि वह उसमें सफल न होती तो उसकी अन्य योजना क्या हो सकती थी ?
उत्तर:
प्रत्युत्पन्नमति ने मछुआरों से बचने की जो योजना बनाई, यदि वह उसमें सफल न होती, तो वह मछुआरों की बात को ध्यान से सुनकर उसके अनुरूप दूसरी योजना बनाती। हो सकता है कि मछुआरे जब उसे जाल से बाहर निकालते तो वह अपनी बुद्धि के बल पर योजना बनाकर भाग जाती । (इस प्रकार विद्यार्थी अपनी कल्पना के अनुसार अन्य उत्तर दे सकते हैं।)
प्रश्न 2.
क्या आपने समुद्र देखा है ? अनुमान लगाकर बताइए कि समुद्र में इतना अधिक जल कहाँ से आता है।
उत्तर:
हाँ, हमने समुद्र देखा है। समुद्र में इतना पानी वर्षा से, बर्फ़ पिघलने से, नदियों से, महासागरों से आता है।
प्रश्न 3.
अपनी सूझ-बूझ के कारण प्रत्युत्पन्नमति मछुआरों से बच सरोवर में अपनी मित्र अनागतविधाता के पास पहुँच गई। होगी? अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए ।

उत्तर:
अनागतविधाता – अरे! तुम यहाँ कैसे और बाकी मछलियाँ कहाँ हैं?
प्रत्युत्पन्नमति – सभी मछलियाँ, मछुआरों की जाल में फँस गई हैं। मैं बड़ी मुश्किल से बचकर आई हूँ। इस बार जान बचाने के लिए तुमने कौन-सी युक्ति अपनाई?
अनागतविधाता – गई। मान लीजिए कि वह तैरकर पास के दोनों में आपस में क्या-क्या बातचीत हुई
प्रत्युत्पन्नमति – मछुआरों को जीवित मछलियाँ चाहिए थीं इसलिए मैंने मृत होने का नाटक किया।
अनागतविधाता – तुम्हें कैसे पता चला की उन्हें जीवित मछलियाँ चाहिए थीं?
प्रत्युत्पन्नमति – मैंने उन्हें बात करते सुन लिया था ।
अनागतविधाता – अरे वाह! चलो अच्छा है। तुमने बुद्धि के बल पर अपने प्राण बचा लिए।
प्रत्युत्पन्नमति – हाँ! काश यद्भविष्य ने आलस छोड़कर अपने लिए कुछ किया होता, तो वह आज हमारे साथ होती।
अनागतविधाता – हाँ, सही कह रही हो तुम।
बूझो तो जानें
प्रश्न 1.
नीचे पानी में तैरती हुई मछलियों को ध्यान से देखिए और बताइए कि इनमें से बिलकुल एक जैसी दो मछलियाँ कौन-सी हैं?

उत्तर:
अंक 2 और 4 की मछलियाँ
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पुस्तकालय से
प्रश्न 1.
विद्यालय के पुस्तकालय में जाकर कहानी में आए निम्नलिखित शब्दों के अर्थ शब्दकोश की सहायता से लिखिए-

उत्तर

आपकी अभिव्यक्ति
पृष्ठ संख्या 128 पर दिए गए चित्र की सहायता से ‘ खट्टे हैं अंगूर’ कहानी को अपने शब्दों में कविता या कहानी के रूप में लिखिए। इस गतिविधि में आप अपने शिक्षक या अभिभावक की सहायता भी ले सकते हैं।

उत्तर:
एक दिन एक भूखी लोमड़ी खाने की तलाश में इधर-उधर घूम रही थी। बहुत देर तक भटकने के बाद उसे एक बाग में एक अंगूरों की बेल दिखाई दी। अंगूर बड़े ही रसीले और मीठे लग रहे थे। वे बेल के ऊपरी हिस्से पर लटक रहे थे।
लोमड़ी के मुँह में पानी आ गया। उसने सोचा – वाह ! क्या स्वादिष्ट अंगूर हैं। अगर ये मुझे मिल जाएँ तो भूख मिट जाए।
वह उछल-उछलकर अंगूरों तक पहुँचने की कोशिश करने लगी। पर अंगूर बहुत ऊँचाई पर थे। लोमड़ी ने कई बार छलाँग लगाई, मगर हर बार वह असफल रही। काफ़ी कोशिशों के बाद भी जब अंगूर नहीं मिले तो थककर बैठ गई।
फिर उसने मुँह फेर लिया और बोली – ” हूंह ! ये अंगूर तो वैसे भी खट्टे ही होंगे। मुझे इनकी ज़रूरत नहीं!” और वह वहाँ से चल दी।
तीन मछलियाँ 83